Saturday, September 5, 2020

... गुरु ही हर युग में महान है ...

 * गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णु र्गुरुर्देवो महेश्वर:

गुरु साक्षात परब्रह्मा तस्मै श्रीगुरवे नमः *


जन्म लिया मानव  का  है,

     मानव  रूप  में  स्वयं  भगवान्  है ..

त्रेता  युग  हो  या  हो  कल  युग ,

     गुरु  ही  हर  युग  में  महान  है ..


मुझको  ज्ञान  का  पाठ पढ़ाया ,

     जीवन  चक्र  का  राज़  बताया ..

इस  नासमझ  नादान  को ,

     गुरु  ने  ही  तो  बुद्धिमान  बनाया ..


गुरु  ना   होते  तो  बोलो  मैं ,

     कैसे  खुद  को  पहचान  पाता  ..

गुरु  ना  होते  तो  भला  मैं ,

     अपनी  पहचान  कैसे  बनाता ..


गुरु  की  दी  हुई  शिक्षा  से  ही ,

     जीवन  ये  साकार  हुआ ..

गुरु  की  उस  डाँट  से  ही  तो ,

     मेरा  जग-जीवन  उद्धार   हुआ ..


इस  सम्पूर्ण  जग  के   अँधेरे  को ,

     गुरु  की  वाणी  ने  दूर  किया ..

सूर्य  के   तेज़  सा  जिसका  तेज़  है ,

     उस  गुरु  को  मेरा  प्रणाम  है ..


जन्म  लिया  मानव  का  है ,

     पर  मानव  रूप  में  स्वयं  भगवान्  है ..

त्रेता  युग  हो  या  हो  कल  युग ,

     गुरु  ही  हर  युग  में  महान  है ..

     गुरु  ही  हर  युग  में  महान  है ..


                                    - A. Prakash

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