कई साल पहले बनी थी जो,
एक दोस्त है मेरी आज भी वो ।
ऐसे हँसती है कि क्या बताऊं तुम्हें,
उसकी हर अदा पर मर मिटा हूँ मैं ।।
देखते ही उसे, दिल मचल सा जाता है ,
छूते ही उसे, हाथ फिसल सा जाता है ।
गोरा रंग है उसका, हैं लम्बे बाल ।
आँखें हैं नशीली उसकी, चले मतवाली चाल ।।
उसके पास जाते ही ,
गले लगाने को जी चाहता है ।
उसकी झील सी आँखों में ,
खो जाने को जी चाहता है ।।
रूप में जितनी सुंदर है वो ,
मन भी उतना ही है साफ़ ।
भूल अगर हो जाए कोई मुझसे,
तो भी मुझे कर देती माफ ।।
थोड़ी नाराज़ जरूर हो जाती है ,
जब कभी मैं उसे सताता हूँ ।
पर हँस देती है जल्दी ही वो ,
जैसे ही उसे मनाता हूँ ।।
कोई राज़ अगर मैं उसे कह दूँ ,
उस बात को ना कहीं बताती है ।
मैं खुश हूँ तो हँस देती है ,
मैं दुखी हूँ तो रो जाती है ।।
दुआ करता हूँ बस यही ,
कि वो ना कभी बदल जाए ।
जिस तरह वो मेरी दोस्त है आज,
हर जन्म में बस मुझे अपनाए ।।
प्यार चाहे तो ना करे मुझसे ,
पर दोस्ती अपनी निभाती रहे ।
कल जब मुझसे दूर जाएगी ,
मिलने मुझसे वो आती रहे ।।
मिलने मुझसे वो आती रहे ।।
- ANUJ PRAKASH GAUTAM
एक दोस्त है मेरी आज भी वो ।
ऐसे हँसती है कि क्या बताऊं तुम्हें,
उसकी हर अदा पर मर मिटा हूँ मैं ।।
देखते ही उसे, दिल मचल सा जाता है ,
छूते ही उसे, हाथ फिसल सा जाता है ।
गोरा रंग है उसका, हैं लम्बे बाल ।
आँखें हैं नशीली उसकी, चले मतवाली चाल ।।
उसके पास जाते ही ,
गले लगाने को जी चाहता है ।
उसकी झील सी आँखों में ,
खो जाने को जी चाहता है ।।
रूप में जितनी सुंदर है वो ,
मन भी उतना ही है साफ़ ।
भूल अगर हो जाए कोई मुझसे,
तो भी मुझे कर देती माफ ।।
थोड़ी नाराज़ जरूर हो जाती है ,
जब कभी मैं उसे सताता हूँ ।
पर हँस देती है जल्दी ही वो ,
जैसे ही उसे मनाता हूँ ।।
कोई राज़ अगर मैं उसे कह दूँ ,
उस बात को ना कहीं बताती है ।
मैं खुश हूँ तो हँस देती है ,
मैं दुखी हूँ तो रो जाती है ।।
दुआ करता हूँ बस यही ,
कि वो ना कभी बदल जाए ।
जिस तरह वो मेरी दोस्त है आज,
हर जन्म में बस मुझे अपनाए ।।
प्यार चाहे तो ना करे मुझसे ,
पर दोस्ती अपनी निभाती रहे ।
कल जब मुझसे दूर जाएगी ,
मिलने मुझसे वो आती रहे ।।
मिलने मुझसे वो आती रहे ।।
- ANUJ PRAKASH GAUTAM