.. नारी ..
हाथ जोड़ कर खड़ा हुआ मैं,
नमन है तेरे सम्मान को ।
तेरी शीतलता को ए-नारी,
नमन है तेरे बलिदान को ।।
कोमल है पर कमजोर नहीं,
दुनिया को तूने बताया है ।
अपनी शक्ति, अपना विश्वास,
दुनिया को तूने दिखाया है ।।
सदियों से अपमान सहे हैं,
ये तो हम सब जानते हैं ।
पर अब तेरी दया-करुणा को,
तेरी शक्ति को हम पहचानते हैं ।।
जग को जीवन देने वाली,
मौत भी तुझसे हारी है ।
इस देश की, इस दुनिया की तू,
सशक्त, समृद्ध, सत्कारी है ।।